श्रीमती निक्की पति जियाउल हक
श्री बलराम भूरे
धरमपुरी (Dharampuri) भारत के मध्य प्रदेश राज्य के धार ज़िले में स्थित एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर है। यह नगर पवित्र नर्मदा नदी के उत्तरी तट पर बसा हुआ है, जो इसे धार्मिक एवं प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है। विंध्यांचल पर्वतमाला के समीप स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है।
धरमपुरी का इतिहास अत्यंत प्राचीन एवं गौरवशाली रहा है। यह नगर प्राचीन भारत में एक महत्वपूर्ण नगर एवं दुर्ग के रूप में प्रसिद्ध था। स्वतंत्रता से पूर्व यह धार रियासत के अंतर्गत आता था तथा बाद में यह धार जिले की मनावर तहसील का प्रमुख क्षेत्र बना।
धरमपुरी का संबंध मांडवगढ़ (मांडू) के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। परमार काल में यह नगर स्थापत्य, धर्म और सुरक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र था। नर्मदा के तट पर स्थित होने के कारण यह व्यापार एवं संस्कृति का प्रमुख केंद्र भी रहा है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में धर्मराज युधिष्ठिर ने यहां राजसूय यज्ञ किया था, जिसके कारण इस स्थान का नाम “धर्मपुरी” पड़ा, जो कालांतर में “धरमपुरी” के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
रामायण काल में यह क्षेत्र अनूप जनपद का भाग था। महाभारत काल में भी इसका विशेष महत्व रहा। सम्राट परीक्षित एवं जन्मेजय के समय में भी इस क्षेत्र की समृद्धि एवं प्रतिष्ठा बनी रही।
मध्यकाल में, विशेषकर मुगल शासन के दौरान, निमाड़ क्षेत्र की महत्ता बनी रही और धरमपुरी एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होता रहा।
धरमपुरी के दक्षिण में बहने वाली नर्मदा नदी भारत की प्रमुख पवित्र नदियों में से एक है। यहां स्थित नर्मदा के मध्य भाग में एक बेट (टापू) है, जिसे “रेवागर्भ” कहा जाता है।
इस स्थान पर भगवान बिल्वामृतेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर स्थित है, जो धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष आयोजन होते हैं, जिसमें हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
धरमपुरी नगर विंध्याचल पर्वत श्रेणी के समीप स्थित है तथा यह नर्मदा नदी के तट पर बसा हुआ है। यह स्थान मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग से खलघाट के पश्चिम दिशा में लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
धरमपुरी सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह खलघाट, मनावर एवं धार सहित अन्य प्रमुख शहरों से आसानी से संपर्क में है। यहां तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग सबसे प्रमुख एवं सुविधाजनक साधन है।
अपने ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के कारण धरमपुरी आज भी एक प्रमुख नगर के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।
मंदिर
नर्मदा घाट
धरमपुरी